Al-Mukhtasar · Tafsir · in Hindi
Ash-Shu'ara 26:72–146
26:72Page 370
قَالَ هَلۡ يَسۡمَعُونَكُمۡ إِذۡ تَدۡعُونَ ٧٢
He said, "Do they hear you when you supplicate?
उनसे इबराहीम ने पूछा : क्या ये मूर्तियाँ तुम्हारी पुकार सुनती हैं, जब तुम उन्हें पुकारते हो?
या वे तुम्हें लाभ पहुँचाती हैं, यदि तुम उनकी बात मानते हो, या वे तुम्हें हानि पहुँचाती हैं, यदि तुम उनकी अवज्ञा करते हो?
26:74Page 370
قَالُواْ بَلۡ وَجَدۡنَآ ءَابَآءَنَا كَذَٰلِكَ يَفۡعَلُونَ ٧٤
They said, "But we found our fathers doing thus."
उन्होंने उत्तर दिया : यदि हम इन मूर्तियों को पुकारते हैं, तो वे हमारी पुकार नहीं सुनतीं, और यदि हम उनकी आज्ञा मानते हैं, तो वे हमें लाभ नहीं पहुँचातीं, और यदि हम उनकी अवज्ञा करते हैं, तो वे हमें हानि नहीं पहुँचातीं। बल्कि, असल बात यह है कि हमने अपने बाप-दादा को ऐसा ही करते हुए पाया है, इसलिए हम उनका अनुकरण करते हैं।
26:75Page 370
قَالَ أَفَرَءَيۡتُم مَّا كُنتُمۡ تَعۡبُدُونَ ٧٥
He said, "Then do you see what you have been worshipping,
इबराहीम ने कहा : क्या तुमने उन मूर्तियों के विषय में ग़ौर किया और देखा, जिनकी तुम अल्लाह के सिवा पूजा करते हो?
और जिनकी तुम्हारे पहले के बाप-दादा पूजा करते थे?
26:77Page 370
فَإِنَّهُمۡ عَدُوّٞ لِّيٓ إِلَّا رَبَّ ٱلۡعَٰلَمِينَ ٧٧
Indeed, they are enemies to me, except the Lord of the worlds,1
निःसंदेह ! वे सब मेरे शत्रु हैं; क्योंकि वे झूठे हैं, सिवाय सभी प्राणियों के पालनहार अल्लाह के।
जिसने मुझे पैदा किया, फिर वही दुनिया और आख़िरत की भलाई की ओर मेरा मार्गदर्शन करता है।
और वही अकेला है जो जब मैं भूखा होता हूँ, तो मुझे खिलाता है और जब मैं प्यासा होता हूँ, तो मुझे पिलाता है।
और जब मैं बीमार होता हूँ, तो वही अकेला मुझे बीमारी से अच्छा करता है, उसके सिवा कोई मुझे स्वास्थ्य देने वाला नहीं है।
26:81Page 370
وَٱلَّذِي يُمِيتُنِي ثُمَّ يُحۡيِينِ ٨١
And who will cause me to die and then bring me to life
तथा केवल वही है, जो मुझे मृत्यु देगा जब मेरी जीवन-अवधि समाप्त होगी, फिर मेरे मरने के पश्चात मुझे जीवित करेगा।
26:82Page 370
وَٱلَّذِيٓ أَطۡمَعُ أَن يَغۡفِرَ لِي خَطِيٓـَٔتِي يَوۡمَ ٱلدِّينِ ٨٢
And who I aspire that He will forgive me my sin on the Day of Recompense."
तथा वही अकेला है जिससे मैं आशा रखता हूँ कि वह बदले के दिन मेरे लिए मेरे पापों को क्षमा कर देगा।
26:83Page 370
رَبِّ هَبۡ لِي حُكۡمٗا وَأَلۡحِقۡنِي بِٱلصَّٰلِحِينَ ٨٣
[And he said], "My Lord, grant me authority and join me with the righteous.
इबराहीम ने अपने रब से दुआ करते हुए कहा : ऐ मेरे रब! मुझे धर्म की समझ प्रदान कर तथा मुझे मुझसे पहले के सदाचारी नबियों से मिला दे, इस प्रकार कि मुझे उनके साथ जन्नत में प्रवेश प्रदान कर।
26:84Page 371
وَٱجۡعَل لِّي لِسَانَ صِدۡقٖ فِي ٱلۡأٓخِرِينَ ٨٤
And grant me a mention [i.e., reputation] of honor among later generations.
तथा मेरे बाद आने वाली नसलों के अंदर मेरी शुभ-चर्चा और अच्छी प्रशंसा जारी रख।
26:85Page 371
وَٱجۡعَلۡنِي مِن وَرَثَةِ جَنَّةِ ٱلنَّعِيمِ ٨٥
And place me among the inheritors of the Garden of Pleasure.
और मुझे उन लोगों में से बना दे, जो स्वर्ग के उन घरों के वारिस होंगे जिनमें तेरे मोमिन बंदे आनंद लेंगे, तथा मुझे उनका निवासी बना दे।
26:86Page 371
وَٱغۡفِرۡ لِأَبِيٓ إِنَّهُۥ كَانَ مِنَ ٱلضَّآلِّينَ ٨٦
And forgive my father. Indeed, he has been of those astray.
तथा मेरे बाप को क्षमा कर दे, वह शिर्क के कारण सत्य मार्ग से भटके हुए लोगों में से था। इबराहीम अलैहिस्सलाम ने अपने बाप के लिए दुआ यह स्पष्ट होने से पहले की थी कि वह नरक के वासियों में से है। चुनाँचे जब उनके लिए यह स्पष्ट हो गया, तो उससे अलग होने का एलान कर दिया और (फिर) उसके लिए दुआ नहीं की।
26:87Page 371
وَلَا تُخۡزِنِي يَوۡمَ يُبۡعَثُونَ ٨٧
And do not disgrace me on the Day they are [all] resurrected -
और मुझे उस दिन यातना देकर रुसवा न करना, जिस दिन लोग हिसाब के लिए पुनः जीवित किए जाएँगे।
26:88Page 371
يَوۡمَ لَا يَنفَعُ مَالٞ وَلَا بَنُونَ ٨٨
The Day when there will not benefit [anyone] wealth or children
जिस दिन न माल काम आएगा, जिसे इनसान ने संसार में एकत्र किया होगा और न संतान जिनकी मदद वह दुनिया में लिया करता था।
26:89Page 371
إِلَّا مَنۡ أَتَى ٱللَّهَ بِقَلۡبٖ سَلِيمٖ ٨٩
But only one who comes to Allāh with a sound heart."
सिवाय उस व्यक्ति के, जो अल्लाह के पास पाक-साफ़ दिल लेकर आया, जिसमें कोई शिर्क, कोई निफ़ाक़, कोई दिखावा तथा कोई अहंकार (दंभ) नहीं। तो ऐसा व्यक्ति अपने उस धन से लाभान्वित होगा, जिसे अल्लाह के मार्ग में खर्च किया, तथा अपनी उन बच्चों से भी जो उसके लिए दुआ करते हैं।
26:90Page 371
وَأُزۡلِفَتِ ٱلۡجَنَّةُ لِلۡمُتَّقِينَ ٩٠
And Paradise will be brought near [that Day] to the righteous.
और जन्नत उन लोगों के निकट लाई जाएगी, जो अपने रब से डरने वाले हैं; उसकी आज्ञाओं का पालन करते हैं और उनके निषेधों से बचते हैं।
26:91Page 371
وَبُرِّزَتِ ٱلۡجَحِيمُ لِلۡغَاوِينَ ٩١
And Hellfire will be brought forth for the deviators,
तथा सत्य-धर्म से भटके हुए पथभ्रष्ट लोगों के लिए 'मह़शर' (एकत्र होने का स्थान) में जहन्नम ज़ाहिर कर दी जाएगी।
26:92Page 371
وَقِيلَ لَهُمۡ أَيۡنَ مَا كُنتُمۡ تَعۡبُدُونَ ٩٢
And it will be said to them, "Where are those you used to worship
उन्हें डाँटते हुए कहा जाएगा : कहाँ हैं वे मूर्तियाँ जिन्हें तुम पूजते थे?
26:93Page 371
مِن دُونِ ٱللَّهِ هَلۡ يَنصُرُونَكُمۡ أَوۡ يَنتَصِرُونَ ٩٣
Other than Allāh? Can they help you or help themselves?"
जिनकी तुम अल्लाह को छोड़कर पूजा करते थे? क्या वे तुम्हें अल्लाह की यातना से बचाकर तुम्हारी सहायता करती हैं, अथवा स्वयं अपनी ही सहायता करती हैं?
26:94Page 371
فَكُبۡكِبُواْ فِيهَا هُمۡ وَٱلۡغَاوُۥنَ ٩٤
So they will be overturned into it [i.e., Hellfire], they and the deviators
अतः उन्हें एक-दूसरे के ऊपर नरक में फेंक दिया जाएगा तथा उनको भी जिन्होंने उन्हें गुमराह किया था।
तथा शैतानों में से इबलीस के सभी सहयोगियों को, उनमें से किसी एक को भी छोड़ा नहीं जाएगा।
अल्लाह के अलावा दूसरों की पूजा करने वाले तथा उन्हें अल्लाह का साझी बनाने वाले मुश्रिक अपने उन पूज्यों से झगड़ते हुए कहेंगे, जिन्हें वे अल्लाह को छोड़ पूजते थे :
26:97Page 371
تَٱللَّهِ إِن كُنَّا لَفِي ضَلَٰلٖ مُّبِينٍ ٩٧
"By Allāh, we were indeed in manifest error
अल्लाह की क़सम! निश्चय हम स्पष्ट रूप से सत्य से भटक गए थे।
26:98Page 371
إِذۡ نُسَوِّيكُم بِرَبِّ ٱلۡعَٰلَمِينَ ٩٨
When we equated you with the Lord of the worlds.
जब हम तुम्हें सारी सृष्टि के पालनहार के समान बनाते थे, चुनाँचे हम उसकी पूजा करने की तरह तुम्हारी पूजा करते थे।
26:99Page 371
وَمَآ أَضَلَّنَآ إِلَّا ٱلۡمُجۡرِمُونَ ٩٩
And no one misguided us except the criminals.
हमें सत्य के मार्ग से केवल उन अपराधियों ने भटकाया, जिन्होंने हमें अल्लाह के सिवा दूसरों की इबादत की ओर बुलाया।
अब न तो हमारे लिए कोई सिफ़ारिश करने वाले हैं, जो हमारे लिए अल्लाह के पास सिफ़ारिश कर सकें कि वह हमें अपनी यातना से बचा ले।
और न हमारा कोई सच्चा मित्र है, जो हमारा बचाव करे और हमारे लिए सिफ़ारिश करे।
26:102Page 371
فَلَوۡ أَنَّ لَنَا كَرَّةٗ فَنَكُونَ مِنَ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ ١٠٢
Then if we only had a return [to the world] and could be of the believers..."1
काश हमें एक बार दुनिया के जीवन में लौटने का अवसर मिल जाता, तो हम अल्लाह पर ईमान रखने वालों में से हो जाते।
26:103Page 371
إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَةٗۖ وَمَا كَانَ أَكۡثَرُهُم مُّؤۡمِنِينَ ١٠٣
Indeed in that is a sign, but most of them were not to be believers.
इबराहीम अलैहिस्सलाम की इस कहानी तथा झुठलाने वालों के अंजाम में सीख लेने वालों के लिए निश्चय सीख ग्रहण करने का महान अवसर है। और उनमें से अधिकांश लोग ईमान लाने वाले नहीं थे।
26:104Page 371
وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ ٱلۡعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُ ١٠٤
And indeed, your Lord - He is the Exalted in Might, the Merciful.
और निःसंदेह (ऐ रसूल!) आपका पालनहार ही वह प्रभुत्वशाली है, जो अपने दुश्मनों से बदला लेता है, तथा उनमें से तौबा करने वालों पर बहुत दयालु है।
नूह के समुदाय ने (भी) रसूलों को झुठलाया, जब उन्होंने नूह अलैहिस्सलाम को झुठला दिया।
26:106Page 371
إِذۡ قَالَ لَهُمۡ أَخُوهُمۡ نُوحٌ أَلَا تَتَّقُونَ ١٠٦
When their brother Noah said to them, "Will you not fear Allāh?
जब उनके वंश के भाई नूह ने उनसे कहा : क्या तुम अल्लाह से डरते नहीं कि उसके भय के कारण उसके अलावा की उपासना छोड़ दो?!
निःसंदेह मैं तुम्हारा रसूल हूँ, अल्लाह ने मुझे तुम्हारी ओर भेजा है। (मैं) अमानतदार हूँ, अल्लाह ने मेरी ओर जो वह़्य की है, उसमें कोई कमी-बेशी नहीं करता।
अतः तुम अल्लाह के आदेशों का पालन करके और उसके निषेधों से बचकर उससे डरो, तथा जिसका मैं तुम्हें आदेश देता हूँ और जिससे मैं तुम्हें मना करता हूँ, उसमें मेरा कहा मानो।
26:109Page 371
وَمَآ أَسۡـَٔلُكُمۡ عَلَيۡهِ مِنۡ أَجۡرٍۖ إِنۡ أَجۡرِيَ إِلَّا عَلَىٰ رَبِّ ٱلۡعَٰلَمِينَ ١٠٩
And I do not ask you for it any payment. My payment is only from the Lord of the worlds.
और जो कुछ मैं अपने रब की ओर से तुम्हें संदेश पहुँचाता हूँ, मैं तुमसे उसका बदला नहीं माँगता। मेरा बदला तो केवल सारी सृष्टि के रब अल्लाह के ज़िम्मे है, किसी अन्य के नहीं।
अतः तुम अल्लाह के आदेशों का पालन करके और उसके निषेधों से बचकर उससे डरो, तथा जिसका मैं तुम्हें आदेश देता हूँ और जिससे मैं तुम्हें मना करता हूँ, उसमें मेरा कहा मानो।
26:111Page 371
۞ قَالُوٓاْ أَنُؤۡمِنُ لَكَ وَٱتَّبَعَكَ ٱلۡأَرۡذَلُونَ ١١١
They said, "Should we believe you while you are followed by the lowest [class of people]?"
उनकी जाति के लोगों ने उनसे कहा : ऐ नूह! क्या हम तुझपर ईमान ले आएँ तथा जो कुछ तू लेकर आया है उसका पालन करें और उसपर अमल करने लगें, जबकि स्थिति यह है कि तुम्हारे अनुयायी सबसे हीन एवं कम हैसियत लोग हैं। उनमें श्रेष्ठ जन और अशराफिया लोग नहीं पाए जाते?!
26:112Page 372
قَالَ وَمَا عِلۡمِي بِمَا كَانُواْ يَعۡمَلُونَ ١١٢
He said, "And what is my knowledge of what they used to do?
नूह अलैहिस्सलाम ने उनसे कहा : मुझे क्या पता कि ये ईमान वाले क्या कार्य करते रहे हैं? क्योंकि मैं उनका निरीक्षक नहीं हूँ कि उनके कामों की गिनती करूँ।
26:113Page 372
إِنۡ حِسَابُهُمۡ إِلَّا عَلَىٰ رَبِّيۖ لَوۡ تَشۡعُرُونَ ١١٣
Their account is only upon my Lord, if you [could] perceive.
उनका हिसाब तो अल्लाह ही के ज़िम्मे है, जो उनकी छिपी और खुली (सारी) बातोंं को जानता है, मेरे ज़िम्मे नहीं है। अगर तुम समझते, तो वह बात न कहते जो तुमने कही है।
26:114Page 372
وَمَآ أَنَا۠ بِطَارِدِ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ ١١٤
And I am not one to drive away the believers.
और मैं तुम्हारी माँग को स्वीकार करते हुए ईमान वालों को अपनी सभा से निकालने वाला नहीं हूँ, ताकि तुम ईमान ले आओ।
मैं तो केवल स्पष्ट रूप से डराने वाला हूँ। तुम्हें अल्लाह की यातना से सावधान करता हूँ।
26:116Page 372
قَالُواْ لَئِن لَّمۡ تَنتَهِ يَٰنُوحُ لَتَكُونَنَّ مِنَ ٱلۡمَرۡجُومِينَ ١١٦
They said, "If you do not desist, O Noah, you will surely be of those who are stoned."
उनके समुदाय के लोगों ने उनसे कहा : यदि तुम हमें जिस बात की ओर बुलाते हो उससे बाज़ नहीं आए, तो निश्चय तुम अपशब्द सहोगे और पथराव करके मार डाले जाओगे।
26:117Page 372
قَالَ رَبِّ إِنَّ قَوۡمِي كَذَّبُونِ ١١٧
He said, "My Lord, indeed my people have denied me.
नूह ने अपने पालनहार से दुआ करते हुए कहा : ऐ मेरे पालनहार! मेरे समुदाय के लोगों ने मुझे झुठला दिया और मैं तेरे पास से जो कुछ लाया हूँ उसके प्रति मुझपर विश्वास नहीं किया।
26:118Page 372
فَٱفۡتَحۡ بَيۡنِي وَبَيۡنَهُمۡ فَتۡحٗا وَنَجِّنِي وَمَن مَّعِيَ مِنَ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ ١١٨
Then judge between me and them with decisive judgement and save me and those with me of the believers."
अतः मेरे और उनके बीच ऐसा फ़ैसला कर दे, जो उन्हें उनके असत्य पर अड़े रहने के कारण विनष्ट कर दे, तथा मुझे और मेरे साथ जो ईमान वाले हैं, उन्हें उससे बचा ले जिसके द्वारा तू मेरे समुदाय के काफ़िरों को नष्ट करने वाला है।
26:119Page 372
فَأَنجَيۡنَٰهُ وَمَن مَّعَهُۥ فِي ٱلۡفُلۡكِ ٱلۡمَشۡحُونِ ١١٩
So We saved him and those with him in the laden ship.
अतः हमने उनकी दुआ को स्वीकार कर लिया तथा उन्हें और उनके साथ, लोगों और जानवरों से भरी हुई नौका में सवार, ईमान वालों को बचा लिया।
26:120Page 372
ثُمَّ أَغۡرَقۡنَا بَعۡدُ ٱلۡبَاقِينَ ١٢٠
Then We drowned thereafter the remaining ones.
फिर हमने उनके बाद नूह़ के समुदाय के बाक़ी लोगों को डुबो दिया।
26:121Page 372
إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَةٗۖ وَمَا كَانَ أَكۡثَرُهُم مُّؤۡمِنِينَ ١٢١
Indeed in that is a sign, but most of them were not to be believers.
उपर्युक्त नूह और उनके समुदाय की कहानी तथा नूह एवं उनके मोमिन साथियों के बच निकलने और उनके समुदाय के काफ़िरों के विनाश में निश्चय सीख ग्रहण करने वालों के लिए बड़ी सीख है। तथा उनमें से अधिकांश लोग ईमान लाने वाले नहीं थे।
26:122Page 372
وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ ٱلۡعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُ ١٢٢
And indeed, your Lord - He is the Exalted in Might, the Merciful.
और निःसंदेह (ऐ रसूल!) आपका पालनहार ही वह प्रभुत्वशाली है, जो अपने दुश्मनों से बदला लेता है, तथा उनमें से तौबा करने वालों पर बहुत दयालु है।
आद जाति ने (भी) रसूलों को झुठलाया, जिस समय उन्होंने अपने रसूल हूद अलैहिस्सलाम को झुठला दिया।
26:124Page 372
إِذۡ قَالَ لَهُمۡ أَخُوهُمۡ هُودٌ أَلَا تَتَّقُونَ ١٢٤
When their brother Hūd said to them, "Will you not fear Allāh?
(उस समय को) याद करो जब उनके वंश के भाई हूद ने उनसे कहा : क्या तुम अल्लाह से डरते नहीं कि उसके भय के कारण उसके अलावा की उपासना छोड़ दो?!
निःसंदेह मैं तुम्हारा रसूल हूँ, अल्लाह ने मुझे तुम्हारी ओर भेजा है। (मैं) अमानतदार हूँ, जो कुछ अल्लाह ने मुझे पहुँचाने का आदेश दिया है, उसमें कोई कमी-बेशी नहीं करता।
अतः तुम अल्लाह के आदेशों का पालन करके और उसके निषेधों से बचकर उससे डरो, तथा जिसका मैं तुम्हें आदेश देता हूँ और जिससे मैं तुम्हें मना करता हूँ, उसमें मेरा कहा मानो।
26:127Page 372
وَمَآ أَسۡـَٔلُكُمۡ عَلَيۡهِ مِنۡ أَجۡرٍۖ إِنۡ أَجۡرِيَ إِلَّا عَلَىٰ رَبِّ ٱلۡعَٰلَمِينَ ١٢٧
And I do not ask you for it any payment. My payment is only from the Lord of the worlds.
और जो कुछ मैं अपने रब की ओर से तुम्हें संदेश पहुँचाता हूँ, मैं तुमसे उसका बदला नहीं माँगता। मेरा बदला तो केवल सारी सृष्टि के रब अल्लाह के ज़िम्मे है, किसी अन्य के नहीं।
26:128Page 372
أَتَبۡنُونَ بِكُلِّ رِيعٍ ءَايَةٗ تَعۡبَثُونَ ١٢٨
Do you construct on every elevation a sign,1 amusing yourselves,
क्या तुम प्रत्येक ऊँचे स्थान पर व्यर्थ में स्मारक भवन का निर्माण करते हो, जबकि उसका इस दुनिया या आख़िरत में तुम्हें कोई फ़ायदा नहीं होता?!
26:129Page 372
وَتَتَّخِذُونَ مَصَانِعَ لَعَلَّكُمۡ تَخۡلُدُونَ ١٢٩
And take for yourselves constructions [i.e., palaces and fortresses] that you might abide eternally?
और तुम क़िले और महलें बनाते हो, मानो तुम इस दुनिया में हमेशा के लिए रहने वाले हो और यहाँ से तुम्हें जाना नहीं है।
26:130Page 372
وَإِذَا بَطَشۡتُم بَطَشۡتُمۡ جَبَّارِينَ ١٣٠
And when you strike, you strike as tyrants.
और जब तुम क़त्ल करने अथवा मारने के लिए किसी पर हमला करते हो, तो निर्दय और बे-रहम होकर हमला करते हो।
अतः तुम अल्लाह के आदेशों का पालन करके और उसके निषेधों से बचकर उससे डरो, तथा जिसका मैं तुम्हें आदेश देता हूँ और जिससे मैं तुम्हें मना करता हूँ, उसमें मेरा कहा मानो।
26:132Page 372
وَٱتَّقُواْ ٱلَّذِيٓ أَمَدَّكُم بِمَا تَعۡلَمُونَ ١٣٢
And fear He who provided you with that which you know,
और तुम अल्लाह के प्रकोप से डरो, जिसने तुम्हें अपनी नेमतों में से वे चीज़ें प्रदान कीं, जिन्हें तुम जानते हो।
उसने तुम्हें मवेशी दिए, तथा तुम्हें बच्चे प्रदान किए।
तथा उसने तुम्हें बाग़ और बहते जल स्रोत प्रदान किए।
26:135Page 372
إِنِّيٓ أَخَافُ عَلَيۡكُمۡ عَذَابَ يَوۡمٍ عَظِيمٖ ١٣٥
Indeed, I fear for you the punishment of a terrible day."
निश्चय मैं (ऐ मेरी जाति के लोगो!) तुमपर एक महान दिन की यातना से डरता हूँ, जो कि क़ियामत का दिन है।
26:136Page 372
قَالُواْ سَوَآءٌ عَلَيۡنَآ أَوَعَظۡتَ أَمۡ لَمۡ تَكُن مِّنَ ٱلۡوَٰعِظِينَ ١٣٦
They said, "It is all the same to us whether you advise or are not of the advisors.
उनकी जाति के लोगों ने उनसे कहा : तुम्हारा हमें सदुपदेश देना और न देना दोनों बराबर है। क्योंकि हम तुमपर कदापि ईमान नहीं लाएँगे और जिसपर हम क़ायम हैं, उससे हरगिज़ पीछे नहीं हटेंगे।
26:137Page 373
إِنۡ هَٰذَآ إِلَّا خُلُقُ ٱلۡأَوَّلِينَ ١٣٧
This is not but the custom of the former peoples,
यह तो पहले ही लोगों का धर्म, उनके रीति-रिवाज और आचरण हैं।
और हम कदापि यातना दिए जाने वाले नहीं हैं।
26:139Page 373
فَكَذَّبُوهُ فَأَهۡلَكۡنَٰهُمۡۚ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَةٗۖ وَمَا كَانَ أَكۡثَرُهُم مُّؤۡمِنِينَ ١٣٩
And they denied him, so We destroyed them. Indeed in that is a sign, but most of them were not to be believers.
उन्होंने अपने नबी हूद अलैहिस्सलाम को झुठलाना जारी रखा, इसलिए हमने उनके झुठलाने के कारण उन्हें तेज़ आँधी से नष्ट कर दिया। इस विनाश में पाठ ग्रहण करने वालों के लिए निश्चय महान पाठ है। परंतु उनमें से अधिकांश लोग ईमान लाने वाले नहीं थे।
26:140Page 373
وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ ٱلۡعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُ ١٤٠
And indeed, your Lord - He is the Exalted in Might, the Merciful.
और निःसंदेह (ऐ रसूल!) आपका पालनहार ही वह प्रभुत्वशाली है, जो अपने दुश्मनों से बदला लेता है, तथा उनमें से तौबा करने वालों पर बहुत दयालु है।
समूद ने (भी) अपने नबी सालेह अलैहिस्सलाम को झुठलाकर समस्त रसूलों को झुठला दिया।
26:142Page 373
إِذۡ قَالَ لَهُمۡ أَخُوهُمۡ صَٰلِحٌ أَلَا تَتَّقُونَ ١٤٢
When their brother Ṣāliḥ said to them, "Will you not fear Allāh?
जब उनके वंश के भाई सालेह ने उनसे कहा : क्या तुम अल्लाह से डरते नहीं कि उसके भय के कारण उसके अलावा की उपासना छोड़ दो?!
निःसंदेह मैं तुम्हारा रसूल हूँ, अल्लाह ने मुझे तुम्हारी ओर भेजा है। (मैं) अल्लाह का संदेश पहुँचाने के कार्य में अमानतदार हूँ, उसमें कोई कमी-बेशी नहीं करता।
अतः तुम अल्लाह के आदेशों का पालन करके और उसके निषेधों से बचकर उससे डरो, तथा जो मैंने तुम्हें आदेश दिया है और जो तुम्हें करने से मना किया है, उसमें मेरा कहा मानो।
26:145Page 373
وَمَآ أَسۡـَٔلُكُمۡ عَلَيۡهِ مِنۡ أَجۡرٍۖ إِنۡ أَجۡرِيَ إِلَّا عَلَىٰ رَبِّ ٱلۡعَٰلَمِينَ ١٤٥
And I do not ask you for it any payment. My payment is only from the Lord of the worlds.
और जो कुछ मैं अपने रब की ओर से तुम्हें संदेश पहुँचाता हूँ, मैं तुमसे उसका बदला नहीं माँगता। मेरा बदला तो केवल सारी सृष्टि के रब अल्लाह के ज़िम्मे है, किसी अन्य के नहीं।
26:146Page 373
أَتُتۡرَكُونَ فِي مَا هَٰهُنَآ ءَامِنِينَ ١٤٦
Will you be left in what is here, secure [from death],
क्या तुम यह इच्छा रखते हो कि यहाँ की सुख-सुविधाओं और नेमतों में निश्चिंत छोड़ दिए जाओगे, तुम डर से पीड़ित नहीं होगे?!
Text: Quranic Universal Library (Tarteel), via spa5k/tafsir_api (MIT), at a fixed version. The ayahs: Quran Foundation. Sources and licences