Al-Mukhtasar · Tafsir · in Hindi
As-Saffat 37:138–182
तथा रात में भी तुम उनके पास से गुज़रते हो। तो क्या तुम समझते नहीं, तथा उनके झुठलाने और इनकार करने तथा ऐसा अनैतिक कार्य करने के बाद, जो उनसे पहले किसी ने नहीं किया था, उनके साथ जो कुछ हुआ, उससे नसीहत नहीं पकड़ते?!
और हमारे बंदे यूनुस अल्लाह के उन रसूलों में से थे, जिन्हें अल्लाह ने उनकी जातियों की ओर शुभ सूचना देने वाला और डराने वाला बनाकर भेजा था।
37:140Page 451
إِذۡ أَبَقَ إِلَى ٱلۡفُلۡكِ ٱلۡمَشۡحُونِ ١٤٠
[Mention] when he ran away to the laden ship.
जब वह अपने पालनहार की आज्ञा के बिना अपनी जाति के पास से भाग खड़े हुए और यात्रियों तथा सामान से भरी हुई कश्ती में सवार हो गए।
जब कश्ती अपनी समाई से अधिक भरी होने के कारण डूबने के क़रीब हो गई, तो उसमें सवार लोगों ने, यात्रियों की बड़ी संख्या के कारण कश्ती के डूबने के डर से, क़ुर'आ-अंदाज़ी की, ताकि कुछ लोगों को फेंक दें। तो यूनुस अलैहिस्सलाम उन हारने वाले लोगों में से एक थे, चुनाँचे उन्होंने आपको समुद्र में फेंक दिया।
37:142Page 451
فَٱلۡتَقَمَهُ ٱلۡحُوتُ وَهُوَ مُلِيمٞ ١٤٢
Then the fish swallowed him, while he was blameworthy.1
जब उन लोगों ने उन्हें समुद्र में फेंक दिया, तो मछली ने उन्हें पकड़कर निगल लिया। जबकि उन्होंने अल्लाह की अनुमति के बिना समुद्र की ओर जाकर, ऐसा कार्य किया था, जो निंदा का पात्र था।
37:143Page 451
فَلَوۡلَآ أَنَّهُۥ كَانَ مِنَ ٱلۡمُسَبِّحِينَ ١٤٣
And had he not been of those who exalt Allāh,
अगर यह बात न होती कि यूनुस अलैहिस्सलाम इस विपत्ति से ग्रस्त होने से पहले भी अल्लाह को बहुत ज़्यादा याद करने वालों में से थे, तथा यदि वह मछली के पेट में भी अल्लाह की तसबीह करने वाले न होते।
37:144Page 451
لَلَبِثَ فِي بَطۡنِهِۦٓ إِلَىٰ يَوۡمِ يُبۡعَثُونَ ١٤٤
He would have remained inside its belly until the Day they are resurrected.1
तो वह मछली के पेट में क़ियामत के दिन तक रहते और वही उनकी क़ब्र बन जाता।
37:145Page 451
۞ فَنَبَذۡنَٰهُ بِٱلۡعَرَآءِ وَهُوَ سَقِيمٞ ١٤٥
But We threw him onto the open shore while he was ill.
फिर हमने उन्हें मछली के पेट से पेड़ों और निर्माण से रहित भूमि पर फेंक दिया, इस अवस्था में कि उनका शरीर एक अवधि तक मछली के पेट में रहने के कारण कमज़ोर हो गया था।
37:146Page 451
وَأَنۢبَتۡنَا عَلَيۡهِ شَجَرَةٗ مِّن يَقۡطِينٖ ١٤٦
And We caused to grow over him a gourd vine.1
और हमने उनपर उस खाली भूमि में कुम्हड़े का एक पेड़ (बेल) उगा दिया, ताकि वह उससे साया प्राप्त करें और उसका फल खाएँ।
37:147Page 451
وَأَرۡسَلۡنَٰهُ إِلَىٰ مِاْئَةِ أَلۡفٍ أَوۡ يَزِيدُونَ ١٤٧
And We sent him1 to [his people of] a hundred thousand or more.
और हमने उन्हें उनकी जाति की ओर भेज दिया, जिनकी संख्या एक लाख थी, बल्कि वे उससे अधिक होंगे।
37:148Page 451
فَـَٔامَنُواْ فَمَتَّعۡنَٰهُمۡ إِلَىٰ حِينٖ ١٤٨
And they believed, so We gave them enjoyment [of life] for a time.
चुनाँचे वे ईमान ले आए और यूनुस अलैहिस्सलाम के लाए हुए संदेश को सत्य माना। तो अल्लाह ने उन्हें, उनके सांसारिक जीवन में लाभ उठाने दिया, यहाँ तक कि उनके लिए उनकी निर्धारित समय सीमा समाप्त हो गई।
37:149Page 451
فَٱسۡتَفۡتِهِمۡ أَلِرَبِّكَ ٱلۡبَنَاتُ وَلَهُمُ ٱلۡبَنُونَ ١٤٩
So inquire of them, [O Muḥammad], "Does your Lord have daughters while they have sons?1
तो (ऐ मुहम्मद!) आप मुश्रिकों से खंडन के तौर पर पूछें : क्या तुम अल्लाह के लिए बेटियाँ ठहराते हो, जिन्हें तुम नापसंद करते हो, और अपने लिए बेटे सिद्ध करते हो, जिन्हें तुम पसंद करते हों?! भला यह कौन सा विभाजन है?!
37:150Page 451
أَمۡ خَلَقۡنَا ٱلۡمَلَٰٓئِكَةَ إِنَٰثٗا وَهُمۡ شَٰهِدُونَ ١٥٠
Or did We create the angels as females while they were witnesses?"
उन्होंने कैसे दावा किया कि फ़रिश्ते मादा हैं, जबकि वे उनकी रचना के समय उपस्थित नहीं थे और उन्होंने उनकी रचना को नहीं देखा है?!
37:151–152Page 451
أَلَآ إِنَّهُم مِّنۡ إِفۡكِهِمۡ لَيَقُولُونَ ١٥١
Unquestionably, it is out of their [invented] falsehood that they say,
وَلَدَ ٱللَّهُ وَإِنَّهُمۡ لَكَٰذِبُونَ ١٥٢
"Allāh has begotten," and indeed, they are liars.
सुन लो, निःसंदेह बहुदेववादी लोग अल्लाह पर झूठ बाँधते हुए और मिथ्यारोपण करते हुए उसकी ओर संतान की निसबत करते हैं, और निश्चित रूप से वे अपने इस दावे में झूठे हैं।
क्या अल्लाह ने अपने लिए उन बेटों के स्थान पर जिन्हें तुम पसंद करते हो, उन लड़कियों को चुना है जिन्हें तुम नापसंद करते हो?! हरगिज़ नहीं।
(ऐ मुश्रिको!) तुम्हें क्या हो गया है कि यह अन्यायपूर्ण फ़ैसला कर रहे हो, कि अल्लाह के लिए बेटियाँ ठहराते हो और अपने लिए बेटे?!
क्या तुम अपने इस असत्य अक़ीदे के गलत होने के बारे में सोच-विचार नहीं करते?! क्योंकि अगर तुम सोच-विचार किए होते, तो इस तरह की बात न कहते।
क्या तुम्हारे पास किसी किताब या रसूल से इसका कोई स्पष्ट तर्क और प्रत्यक्ष प्रमाण है?!
37:157Page 452
فَأۡتُواْ بِكِتَٰبِكُمۡ إِن كُنتُمۡ صَٰدِقِينَ ١٥٧
Then produce your scripture, if you should be truthful.
अगर तुम अपने दावे में सच्चे हो, तो अपनी वह पुस्तक लाओ जिसमें इसका प्रमाण हो।
37:158Page 452
وَجَعَلُواْ بَيۡنَهُۥ وَبَيۡنَ ٱلۡجِنَّةِ نَسَبٗاۚ وَلَقَدۡ عَلِمَتِ ٱلۡجِنَّةُ إِنَّهُمۡ لَمُحۡضَرُونَ ١٥٨
And they have made [i.e., claimed] between Him and the jinn a lineage, but the jinn have already known that they [who made such claims] will be brought [to punishment].
मुश्रिकों ने यह दावा करके कि फ़रिश्ते अल्लाह की बेटियाँ हैं, अल्लाह और फ़रिश्तों के बीच, जो उनसे पोशीदा हैं, रिश्तेदारी बना दी। हालाँकि फ़रिश्तों को मालूम है कि अल्लाह मुश्रिकों को हिसाब के लिए ज़रूर हाज़िर करेगा।
अल्लाह उन बातों से पवित्र और सर्वोच्च है, जो मुश्रिक लोग उसके बारे में ऐसी चीज़ें वर्णन करते हैं जो उसकी महिमा के योग्य नहीं हैं, जैसे उसका बेटा और साझी होना आदि।
37:160Page 452
إِلَّا عِبَادَ ٱللَّهِ ٱلۡمُخۡلَصِينَ ١٦٠
Except the chosen servants of Allāh [who do not share in that sin].
सिवाय अल्लाह के चुने हुए बंदों के। क्योंकि वे अल्लाह को केवल उसकी महिमा के योग्य उसके प्रताप और पूर्णता के गुणों के साथ वर्णित करते हैं।
37:161Page 452
فَإِنَّكُمۡ وَمَا تَعۡبُدُونَ ١٦١
So indeed, you [disbelievers] and whatever you worship,
तो (ऐ मुश्रिको!) तुम और तुम्हारे वे पूज्य जिन्हें तुम अल्लाह को छोड़कर पूजते हो।
तुम किसी को भी सत्य धर्म से नहीं भटका सकते।
37:163Page 452
إِلَّا مَنۡ هُوَ صَالِ ٱلۡجَحِيمِ ١٦٣
Except he who is to [enter and] burn in the Hellfire.1
सिवाय उसके, जिसके बारे में अल्लाह ने निर्णय कर दिया है कि वह जहन्नम में प्रवेश करने वालों में से है। तो अल्लाह उसके बारे में अपने निर्णय को लागू करेगा। चुनाँचे वह कुफ़्र करेगा और जहन्नम में प्रवेश करेगा। जहाँ तक तुम्हारा और तुम्हारे पूज्यों का संबंध है, तो तुम्हें ऐसा करने की कोई शक्ति हासिल नहीं है।
37:164Page 452
وَمَا مِنَّآ إِلَّا لَهُۥ مَقَامٞ مَّعۡلُومٞ ١٦٤
[The angels say],1 "There is not among us any except that he has a known position.2
फ़रिश्तों ने अल्लाह के प्रति अपनी दासता और मुश्रिकों के दावों से अपने बरी होने को स्पष्ट करते हुआ कहा : हममें से प्रत्येक व्यक्ति का अल्लाह की इबादत और उसकी आज्ञाकारिता में एक नियत स्थान है।
37:165–166Page 452
وَإِنَّا لَنَحۡنُ ٱلصَّآفُّونَ ١٦٥
And indeed, we are those who line up [for prayer].
وَإِنَّا لَنَحۡنُ ٱلۡمُسَبِّحُونَ ١٦٦
And indeed, we are those who exalt Allāh."
तथा निःसंदेह हम - फ़रिश्ते - अल्लाह की इबादत और उसके आज्ञापालन में पंक्तियों में खड़े रहते हैं। और निश्चय हम अल्लाह को उन विशेषताओं और गुणों से पवित्र ठहराते हैं, जो उसकी महिमा के योग्य नहीं हैं।
37:167–170Page 452
وَإِن كَانُواْ لَيَقُولُونَ ١٦٧
And indeed, they [i.e., the disbelievers] used to say,1
لَوۡ أَنَّ عِندَنَا ذِكۡرٗا مِّنَ ٱلۡأَوَّلِينَ ١٦٨
"If we had a message from [those of] the former peoples,
لَكُنَّا عِبَادَ ٱللَّهِ ٱلۡمُخۡلَصِينَ ١٦٩
We would have been the chosen servants of Allāh."
فَكَفَرُواْ بِهِۦۖ فَسَوۡفَ يَعۡلَمُونَ ١٧٠
But they disbelieved in it,1 so they are going to know.
मक्का के मुश्रिक मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के नबी बनाए जाने से पहले कहा करते थे : अगर हमारे पास पहले लोगों की किताबों, उदाहरण के तौर पर तौरात, जैसी कोई किताब होती; तो हम अल्लाह ही के लिए इबादत को ख़ालिस करते। जबकि वे इस बारे में झूठे हैं। क्योंकि उनके पास मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम क़ुरआन लेकर आए, परंतु उन्होंने उसका इनकार कर दिया। अतः शीघ्र ही वे उस गंभीर यातना को जान लेंगे जो क़ियामत के दिन उनकी प्रतीक्षा कर रही है।
37:171–173Page 452
وَلَقَدۡ سَبَقَتۡ كَلِمَتُنَا لِعِبَادِنَا ٱلۡمُرۡسَلِينَ ١٧١
And Our word [i.e., decree] has already preceded for Our servants, the messengers,
إِنَّهُمۡ لَهُمُ ٱلۡمَنصُورُونَ ١٧٢
[That] indeed, they would be those given victory
وَإِنَّ جُندَنَا لَهُمُ ٱلۡغَٰلِبُونَ ١٧٣
And [that] indeed, Our soldiers [i.e., the believers] will be those who overcome.1
और हमारे रसूलों के संबंध में हमारी बात गुज़र चुकी है कि वही अपने दुश्मनों पर विजयी रहेंगे क्योंकि अल्लाह ने उन्हें तर्क और शक्ति प्रदान की है। और यह कि हमारे उन सैनिकों ही को प्रभुत्व प्राप्त होगा, जो अल्लाह के मार्ग में इसलिए लड़ाई करते हैं ताकि अल्लाह का वचन सर्वोच्च हो।
तो (ऐ रसूल!) इन दुश्मनी रखने वाले मुश्रिकों से एक अवधि तक के लिए, जिसे अल्लाह जानता है, मुँह फेरे रहें यहाँ तक कि उनकी यातना का समय आ जाए।
37:175Page 452
وَأَبۡصِرۡهُمۡ فَسَوۡفَ يُبۡصِرُونَ ١٧٥
And see [what will befall] them, for they are going to see.
तथा उन्हें देखें जब उनपर यातना उतरे। चुनाँचे वे भी उस समय देख लेंगे, जब उन्हें देखने से कोई लाभ नहीं होगा।
क्या ये मुश्रिक लोग अल्लाह की यातना के लिए जल्दी कर रहे हैं?!
37:177Page 452
فَإِذَا نَزَلَ بِسَاحَتِهِمۡ فَسَآءَ صَبَاحُ ٱلۡمُنذَرِينَ ١٧٧
But when it descends in their territory, then evil is the morning of those who were warned.
चुनाँचे जब उनपर अल्लाह की यातना उतरेगी, तो उनकी सुबह बहुत ही बुरी सुबह होगी।
और (ऐ रसूल!) उनसे मुँह फेर लें, यहाँ तक कि अल्लाह उनकी यातना का फैसला कर दे।
और आप देखते रहें। बहुत जल्द ये लोग भी देख लेंगे कि उनपर अल्लाह की कौन-सी यातना और सज़ा उतरती है।
37:180Page 452
سُبۡحَٰنَ رَبِّكَ رَبِّ ٱلۡعِزَّةِ عَمَّا يَصِفُونَ ١٨٠
Exalted is your Lord, the Lord of might, above what they describe.
(ऐ मुहम्मद!) आपका पालनहार, जो सारी शक्ति का मालिक है, उन सभी कमियों और त्रुटियों से पवित्र और सर्वोच्च है, जो बहुदेववादी उसके बारे में बयान करते हैं।
और अल्लाह का सलाम (अभिवादन) और उसकी प्रशंसा है, उसके सम्माननीय रसूलों के लिए।
हर प्रकार की प्रशंसा और स्तुति सर्वशक्तिमान व महिमावान अल्लाह के लिए है। क्योंकि वही उसके योग्य है, और वह सारे संसार का पालनहार है, उसके सिवा उनका कोई पालनहार नहीं है।
Text: Quranic Universal Library (Tarteel), via spa5k/tafsir_api (MIT), at a fixed version. The ayahs: Quran Foundation. Sources and licences